अल्लाह ने …….. फूंका और मरियम को बच्चा पैदा हुआ

https://www.facebook.com/subrata.chanda.50/posts/416582245135467?ref=notif&notif_t=like_tagged

इस्लाम अल्लाह अल्लाह करके गला फाड़ने वाला Abdullah Is Back जी ने फेसबुक में अपनी पोस्ट डाल के फेर से फंसा दिया इस्लाम को।

मित्र काल रात पंडित Mahender Pal Arya जी और मेरा नाम लेके एक पोस्ट फेसबुक में अब्दुल्लाह जी के दुयारा डाला गया। इस में अब्दुल्लाह जी ने दावा किया पंडित जी और हमलोग कुरान के आयेते के गलत अर्थ करके कुरान के ऊपर अपशब्द का प्रोयोग किया। जब मैं अब्दुल्लाह जी के ये पोस्ट देखा, इसका जवाब देना उचीत समझा, ताकि फेसबुक के सबी मित्र जनो को सत्य ज्ञान हो जाय। अब्दुल्लाह जी इस्लाम के बचाव के लिए किस प्रकार झूट बोलते है उसका जीता जागता प्रमाण आप लोगो को मेरे इस पोस्ट पर ही मिल जायगा। आप लोग ध्यान पूर्वक पड़े।
मित्र कुछ दिन पहले सुशील आर्यवीर जी के ” खतना ” पोस्ट पर मैंने कुछ commente किया था. मेरा उस commente के सवाल जवाब के आगे अब्दुल्लाह जी से कुरान के ” सूरा 21अम्बिया आयेत 91″ के ऊपर debete हुआ था। इस आएते का अर्थ है- अल्लाह ने मरियम के शर्मगाह में फूंक मारके मरियम और उसके बेटे को दुनिया भर के लिए निशानी बाना दिया है। इस बिषय पे लगातार तीन दिन अब्दुल्लाह जी से हम लोगो का debete हुआ था, और आखरी में जब सबी प्रमाण के साथ हम ने उनको दिखा दिया, कि खुद उनके ही इस्लाम के जानकार अब्दुल करीम पारीख जी ने भी अपनी आसान कुरानिक कोष में भी आयेते में आया फर्जहा शब्द का अर्थ शर्मगाह ही किया तब जाके इनका बाहेस ख़तम हुआ था। निचे कुरान के उसी आयेते का लिख रहा हु।देखिये-
वल्लती अह्सनत फर्जहा फ़ना फखना फिहा मिरुहेना वजायलनाहा. वाबनाहा अयाताल्लिल आलमीन। सूरा 21 अम्बिया आयेत 91.अर्थ- ओ ओरत जिसने अपने स्वतित्व कि हिफाज़त कि थी, हमने उसके भीतर(जाहा फर्जहा शब्द आया) रूह्से फूंका और उसे और उसकी बेटे को दुनिया भर के लिए निशानी बाना दिया।
अब विचार कीजिये, ओ औरत जो अपने स्वतित्व कि हिफाज़त कि थी, हमने उसके भीतर रूह्से फूंका और उसे और उसकी बेटे को दुनिया भर के लिए निशानी बाना दिया। अब रूह किसने फूंका- अल्लाह ने, रूह किसके भीतर फूंका- शर्मगाह के भीतर( जाहा फर्जहा शब्द आया, अरबी में फर्जहा शब्द का अर्थ है शर्मगाह) शर्मगाह किसका- शर्मगाह उस औरत का यानि मरियम का, औरत अपनी स्वतित्व कि हिफाज़त किस अंग से करते है- औरत अपनी स्वतित्व के हिफाज़त अपनी योनि अंग से करते।
आप लीगो को एक बात बताना चाहूँगा, मैंने जो अब्दुल करीम पारीख का आसान कुरानिक कोष का जिक्र किया ये अरबिक शब्द कोष है, कुरान के सबी आयेते का अर्थ यानि तर्जुमा ऐसी अरबिक शब्द कोष से किया जाता है। साथ में कुरान में आया उसी आयेते का उर्दू तर्जुमा का भी प्रमाण दिया, इस आयेते में भी फर्जहा शब्द का उलेख है। सुशील जी के इस पोस्ट पर अब्दुल्लाह जी से कोई जवाब नेही बना तब उस पोस्ट में हम सबी मित्र जन और चर्चा नेही किया. परन्तु अब्दुल्लाह जी ने उनका एक मित्र पाकिस्थान के रमीज़ हबीब के पोस्ट पर झूट बोलने लागे कि हम लोगो ने उनको कोई जवाब नेही दिया, और बार बार उसी पोस्ट पर मुझ से जीद करने लागे, रेफारेंस दो, प्रमाण दो। और मैं भी उनको कहते रहे मेरे मित्र आप को इस बिषय सारे प्रमाण सुशील जी के पोस्ट पर दे दिया आप उस पोस्ट में जाके देख लीजिये, फेर भी जीद करने लागे, तब मैं उनको सुशील जी के उसी debete वाला पोस्ट का linke रमीज़ हबीब के पोस्ट पर ही दे दिया। और मैं ये ही बात कि जानकारी सुशील जी को, सुशील जी के ही दूसरी पोस्ट पर commente करके दे दिया। अब्दुल्लाह जी उहा भी आ गए और शौर मचाने लागे, रेफारेंस दो, प्रमाण दो, डरपोक रेफारेंस क्यों नेही देते।फेर मैं सुशील जी के इस पोस्ट पे भी ओहि debete वाला पोस्ट का लिंक दे दिया, इसमें भी अब्दुल्लाह जी संतुस्ट नेही हुए कहने लागे आयेते बाताओ।मैं भी ओ ही आयेते को दुवारा उन्हें दे दिया। उन्होंने मुझसे कुरान का उसी आयेते से अर्थ करने कहा, फेर हम दोनों में चर्चा हुआ, उस चर्चा में भी अब्दुल्लाह जी से कोई जवाब नेही बन पाया।फेर उन्होंने रात में खुद के i/d पे पंडित महेंद्र पाल आर्य के साथ मेरा नाम जोड़के एक पोस्ट बानाके फेसबुक में डाला, जिसके जवाब में मैं ये पोस्ट कर रहा हूँ।
मित्र मैं आप लोगो को सारे प्रमाण के साथ ये दिखा दिया कि अल्लाह ने किस प्रकार मरियम के शर्मगाह में फूंक मारके इस्सा को पैदा किया था, अब इसी प्रमाण से और भी कुछ सवाल सामने आ गया।
1. अल्लाह ने बिना शारीर से फूंक कैसे मारी ?
2. फूंक मारने के लिए, मु चाहिए, और शारीर के बिना मु होना संभव नेही, कारन मु शारीर से ही युक्त रहते, इसका मतलब ये हुआ फूंक मारने के लिए कुरान का अल्लाह शारीर धारी प्रमाण हो राहा है ?
3. फूंक मारना तभी संभव होगा जब शारीर के भीतर का वायु को बल प्रोयोग करके बाहार किया जायगा, और शारीर के बिना ऐसी असंभव कार्य कभी भी संभव नेही, इस में भी कुरान के अल्लाह के शारीर धारी होने का प्रमाण मिल राहा है।
4.फूंक मारने के लिए कुरान के अल्लाह को किसी एक स्थान में आना पड़ेगा, यानि फूंक मारने के लिए अल्लाह को उस स्थान में, उस समय आना पड़ेगा, जाहा अल्लाह ने फूंक मारी है, और स्थान काल में आना जाना शारीर के बिना कभी भी संभव नेही है।इस प्रमाण से भी कुरान के अल्लाह शारीर धारी प्रमाण हो राहा है।
5.जब इश्वर ने आदि सृष्टी के बाद मानव सृष्टी, स्त्री और पुरुष के मिलन से होने का नियम पूर्वक किया है, अल्लाह खुद उस नियम को कैसे और क्यों तोड़ सकता है ? ऐसी कार्य करने में अल्लाह के सार्थकता क्या था ?
6. क्या अपनी स्वतित्व के हिफाज़त सिर्फ मरियम ने ही किया था? किसी और ने नेही किया था ? फेर अल्लाह के कृपा सिर्फ मरियम के ऊपर ही क्यों? अल्लाह के कृपा किसी और औरत के ऊपर क्यों नेही हुआ ? अल्लाह के कृपा किसी एक के ऊपर होना चाहिए, ना समग्र मानव मात्र के कल्याण के लिए होना चाहिए ?
7. रूह कौनसी थी जो अल्लाह ने फूंका ?
8. रूह कहा से आया था ?
9. कौनसी विज्ञानं से फूंक ने से बच्चा पैदा हो जाता है ?
10. आदि सृष्टी के बाद इश्वर के नियम से बच्चा पैदा होता है, स्त्री और पुरुष के रज और व्रीय के मिश्रण से, पर अल्लाह के फूंक मारने से किस प्रकार से बच्चा पैदा हुआ ?
11. आदि सृष्टी के बाद इश्वर के नियम से स्त्री, पुरुष के मिलन से रज, व्रीय के मिश्रण से मात्रि गर्भ में पहले मानव भूर्ण का सृष्टी होता है, भूर्ण अपनी मा के साथ नाल से युक्त रहता है, और उसी नाल से पुष्टि ग्रहण करके अपनी शारीर का बिकास करके मात्रि गर्भ से बाहार आता है, ये है आदि सृष्टी के बाद इश्वर के नियम पूर्वक मानव सृष्टी, अब कोई इस्लाम के जानकार ये बाताय अल्लाह ने किस प्रकार मरियम के गर्भ में भूर्ण स्थापन किया था ?

मित्र कुरान के इस एक आयेते से ऐसा अनेक प्रश्नों किया जा सकता है, पर इस्लाम के जानकार मेरा किस किस सवाल का जवाब देगा। हायरे बुधि से विचार करने वाले मानव और कब तक तुम लोग मुर्ख बनके रहोगे ?

Not-मैं अपनी इस पोस्ट के message box में अब्दुल्लाह जी से किया, दोनों debete का linke भी दे राहा हूँ , आप लोग उस linke को भी पड़िए और जानिए सत्य क्या है। — with सुशील आर्यवीर and 33 others.

by

1469781_416582165135475_173926502_n

https://www.facebook.com/subrata.chanda.50

My remarks:

Tafsir Jalalyn says in sura anbiya ayat -91 that allah breathed into her of gabriel who breathed into ‘the opening of her garment’ . Now the opening of her garment should be near the vagina since that is the entry to the womb where the foetus of Jesus would be developed. SO in any case this allegorical language is pointing towards her vagina , uterus and womb where Jesus would be conceived. Let us  bless ALLAH whose breathing makes men redundant for the job of producing children.

http://www.altafsir.com/Tafasir.asp?tMadhNo=1&tTafsirNo=74&tSoraNo=21&tAyahNo=91&tDisplay=yes&UserProfile=0&LanguageId=2

And, mention Mary, the one who guarded her virginity, [the one who] preserved it from being taken, so We breathed into her of Our spirit, namely, Gabriel, when he breathed into the opening of her garment and she conceived Jesus. And We made her and her son a sign for all the worlds, that is, [for] mankind, jinn and angels, because she bore him without [having] a male [partner].

Advertisements

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s